गैंगरेप के आरोपी और निलंबित दरोगा अमित मौर्या ने मामले को रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट में भी याचिका दाखिल की थी, लेकिन कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी। इस दौरान, अमित मौर्या लगातार फरार चल रहा था।