भारत में 25 मई को चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की गई। विश्लेषकों का मानना है कि अगर वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में कमी नहीं आती और यह लंबे समय में स्थिर नहीं होतीं तो देश में ईंधन की कीमतें और बढ़ सकती हैं।