कुछ समय पहले तक लोग किताबों से दूर भाग रहे थे। अब यह देखकर खुशी हो रही है कि लोग पुस्तकालय की तरफ लौट रहे हैं। पहले लोग आनलाइन ई-बुक के जरिए पढ़ते थे, लेकिन जब आंखों की समस्या हुई तो फिर से पुस्तकों की असल कीमत समझ आई।