वाल्मीकि रामायण के बालकांड में भगवान श्री राम द्वारा किए गए सबसे पहले वध का प्रसंग आता है - राक्षसी ताड़का का वध। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि त्रेतायुग में आतंक का पर्याय बनी ताड़का जन्म से कोई राक्षसी नहीं थी, बल्कि वह बेहद खूबसूरत और बलशाली यक्षिणी थी।