Air Pollution: आज के समय में हवा में बढ़ता प्रदूषण एक बहुत बड़ी समस्या बन गया है. गाड़ियों का धुआं, फैक्ट्रियों से निकलने वाली गैसें और धूल मिट्टी मिलकर हवा को खराब कर देती हैं. वहीं जब हम ऐसी हवा में सांस लेते हैं, तो यह धीरे-धीरे हमारे शरीर के अंदर पहुंचकर नुकसान करना शुरू कर देती है. शुरुआत में यह हल्की परेशानी लगती है, लेकिन लंबे समय तक इसका असर बहुत गंभीर हो साबीत ह सकता है. साथ ही प्रदूषित हवा बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए और भी ज्यादा खतरनाक होती है. यही कारण है कि डॉक्टर बार-बार साफ हवा में रहने की सलाह देते हैं. प्रदूषण से होने वाली सांस और फेफड़ों की बीमारियांवायु प्रदूषण के स्तर को मापने के लिए AQI (Air Quality Index) का उपयोग किया जाता है. यदि वायु में यह इंडेक्स 0-50 के बीच होता है तो यह सामान्य माना जाता है लेकिन यदि यह इंडेक्स 200 से ऊपर की ओर जाता है तो इससे पता चलता है कि वायु में प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है. ऐसे में प्रदूषण का सबसे पहला असर हमारे फेफड़ों पर पड़ता है. इससे खांसी, सांस लेने में दिक्कत, एलर्जी और दमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. साथ ही लंबे समय तक खराब हवा में रहने से फेफड़ों की ताकत कम हो जाती है और व्यक्ति को हमेशा थकान महसूस हो सकती है. बच्चों में यह समस्या ज्यादा तेजी से बढ़ती है क्योंकि उनका शरीर अभी पूरी तरह विकसित नहीं होता है. कई बार प्रदूषण के कारण फेफड़ों में गंभीर संक्रमण भी हो सकता है, जो आगे चलकर बड़ी बीमारी का रूप ले सकता है. इसलिए साफ हवा में सांस लेना बहुत जरूरी हो जाता है. यह भी पढ़ेंः Bad Cholesterol: दवाइयों का झंझट होगा खत्म, सिर्फ जीन थैरेपी से होगा बैड कोलेस्ट्रॉल का वन टाइम इलाजहार्ट अटैक, स्ट्रोक और कैंसर का बढ़ता खतरारिपोर्ट के अनुसार, हवा का प्रदूषण सिर्फ सांस की बीमारी ही नहीं बल्कि दिल की बीमारियों का भी बड़ा कारण बन सकता है. प्रदूषित हवा में मौजूद छोटे-छोटे कण शरीर में जाकर खून की नसों को नुकसान पहुंचा सकते हैं. सायत ही इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसके अलावा लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का भी खतरा हो सकता है. यह शरीर के अंदर धीरे-धीरे असर करता है, इसलिए लोग शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लेते है. लेकिन समय के साथ यह बहुत खतरनाक साबित हो सकता है. प्रदूषण से बचाव कैसे करें और सावधानी क्यों जरूरी हैप्रदूषण से बचने के लिए हमें कुछ छोटी-छोटी सावधानियां अपनानी चाहिए. बाहर निकलते समय मास्क पहनना, सुबह या शाम के समय कम प्रदूषण वाली जगहों पर जाना और घर में पौधे लगाना मदद कर सकता है. बच्चों और बुजुर्गों को खास तौर पर धूल और धुएं से बचाना चाहिए. साथ ही घर में साफ हवा के लिए खिड़कियां खोलना और एयर प्यूरीफायर का उपयोग करना भी फायदेमंद हो सकता है. यह भी पढ़ेंः Heatwave Health Risks: हीटवेव से ब्रेन और किडनी पर हो रहा असर, गर्मी के इन खतरनाक लक्षणों को कतई न करें इग्नोर