गामा ने तीन हजार कुश्तियां कीं लेकिन कभी हारे नहीं. वह बचपन से ही असाधारण पहलवान थे. गामा ने केवल दस साल की उम्र में 400 पहलवानों की भीड़ में सबसे अधिक बैठकें लगाई थीं.