पहले 300 से 500 फीट गहरे बोरवेल खोदने पर भी पानी नहीं मिलता था. जल संरक्षण कार्यों के बाद ऐसे कई बोरवेलों में पानी आने लगा. सर्दियों और बरसात में कुएं पानी से लबालब भर जाते हैं.