समाजसेवी डॉ. रूचि श्रोत्रिय ने न केवल खुद 49 बार रक्तदान किया, बल्कि पीड़ितों और मरीजों के लिए हजारों रक्तदाताओं को जोड़कर मानवता की ऐसी मिसाल पेश की है, जो प्रेरणा बन गई है।