सुरेश कुंडे ने गांव में फुटबाल की बुनियाद रखी। युवाओं को फुटबाल से जोड़ा और 1999 में प्रगति फुटबाल क्लब का पंजीयन कराया। युवाओं का हौसला बढ़ा।