Is Breast Reduction Surgery Safe For Women: ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी, जिसे मेडिकल टर्म में रिडक्शन मैमोप्लास्टी कहा जाता है, आजकल तेजी से चर्चा में है. कई महिलाएं सिर्फ सुंदर दिखने के लिए नहीं बल्कि शारीरिक दर्द और मेंटर दिक्कत से राहत पाने के लिए भी इस सर्जरी का सहारा ले रही हैं. एकसपर्ट के मुताबिक यह सर्जरी स्तनों के अतिरिक्त टिश्यू, फैट और त्वचा को हटाकर ब्रेस्ट का आकार शरीर के अनुसार संतुलित करने के लिए की जाती है. क्यों महिलाएं करवा रही हैं ये सर्जरी? हेल्थ के बारे में जानकारी देने वाली संस्था mayoclinic की रिपोर्ट के अनुसार, जरूरत से ज्यादा बड़े ब्रेस्ट कई महिलाओं के लिए गंभीर शारीरिक परेशानी का कारण बन जाते हैं. लगातार गर्दन, पीठ और कंधों में दर्द, त्वचा में जलन, रैशेज और सही कपड़े न मिल पाना आम समस्याएं हैं. कई महिलाएं मानसिक रूप से भी असहज महसूस करती हैं और आत्मविश्वास की कमी का सामना करती हैं. ऐसे मामलों में ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी राहत देने में मदद कर सकती है. क्या होता है इस सर्जरी?सर्जरी के दौरान डॉक्टर आमतौर पर ब्रेस्ट के आसपास चीरा लगाकर अतिरिक्त टिश्यू और फैट हटाते हैं. इसके बाद बचे हुए टिश्यू को नया आकार दिया जाता है ताकि ब्रेस्ट ज्यादा संतुलित और प्राकृतिक दिखें. यह प्रक्रिया जनरल एनेस्थीसिया में की जाती है और इसमें कई घंटे लग सकते हैं. एक्सपर्ट बताते हैं कि हर महिला के लिए एक जैसी तकनीक इस्तेमाल नहीं होती. कुछ मामलों में पारंपरिक सर्जरी की जाती है, जबकि कुछ मरीजों में लिपोसक्शन के जरिए अतिरिक्त फैट हटाया जाता है. लॉलीपॉप टेक्नीक और फ्री निप्पल ग्राफ्ट जैसी प्रक्रियाएं भी जरूरत के हिसाब से अपनाई जाती हैं. कौन-सी तकनीक बेहतर रहेगी, यह मरीज की बॉडी स्ट्रक्चर और डॉक्टर की सलाह पर निर्भर करता है. हालांकि डॉक्टर यह भी साफ करते हैं कि यह सर्जरी हर किसी के लिए सुरक्षित नहीं होती. अनकंट्रोल्ड डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, मोटापा, धूम्रपान की आदत या एक्टिव इंफेक्शन जैसी स्थितियों में सर्जरी का जोखिम बढ़ सकता है. गर्भवती महिलाओं या जल्द प्रेग्नेंसी प्लान कर रही महिलाओं को भी सर्जरी टालने की सलाह दी जाती है.इसे भी पढ़ें: खांसी, जुकाम, खराश और थकान? मौसम का बदलाव नहीं, शरीर में है ये कमी, पढ़ें डॉक्टर की चेतावनीइन चीजों का रखना होता है ध्यानडॉक्टरों के मुताबिक सर्जरी से पहले पूरी मेडिकल जांच बेहद जरूरी होती है. मरीज को कुछ दवाइयां बंद करनी पड़ सकती हैं और स्मोकिंग छोड़ने की सलाह दी जाती है. सर्जरी के बाद शुरुआती कुछ दिनों तक सूजन, दर्द और थकान महसूस हो सकती है. आमतौर पर दो हफ्ते बाद मरीज सामान्य काम शुरू कर सकते हैं, लेकिन पूरी रिकवरी में कई महीने लग सकते हैं.क्या यह पूरी तरह सेफ है?एक्सपर्ट का कहना है कि ब्रेस्ट रिडक्शन सर्जरी के कई फायदे हैं. इससे शरीर का दर्द कम हो सकता है, पोस्चर बेहतर होता है, एक्सरसाइज करना आसान हो जाता है और आत्मविश्वास बढ़ सकता है. हालांकि किसी भी सर्जरी की तरह इसमें भी इंफेक्शन, स्कार, ब्लीडिंग और ब्रेस्ट सेंसिटिविटी में बदलाव जैसे जोखिम मौजूद रहते हैं.इसे भी पढ़ें- गर्मियों में वरदान है बिहार का सत्तू, इस तरह पिएंगे तो शरीर के पास आने से भी डरेगी लूDisclaimer: यह जानकारी रिसर्च स्टडीज और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है. इसे मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें. किसी भी नई गतिविधि या व्यायाम को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें.