आपका पैसा- 25 हजार की सैलरी में कैसे बनें करोड़पति:फाइनेंशियल एक्सपर्ट से जानें बचत और निवेश के 9 नियम, न करें ये 13 गलतियां

Wait 5 sec.

भारत में ज्यादातर नौकरियों की शुरुआती सैलरी 20-25 हजार रुपए महीने होती है। अगर ये कहा जाए कि इस सैलरी में भी आप करोड़पति बन सकते हैं, तो शायद ये बात पढ़कर हैरानी हो, लेकिन ये मुमकिन है। कम सैलरी से कोई फर्क नहीं पड़ता है, फर्क इस बात से पड़ता है कि हम पैसे को कैसे मैनेज करते हैं। समय पर शुरुआत, सही प्लानिंग और डिसिप्लिन्ड निवेश से कम सैलरी में भी बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। आज ‘आपका पैसा’ कॉलम में जानेंगे कि 25,000 की सैलरी में करोड़पति कैसे बन सकते हैं। साथ ही जानेंगे कि- सवाल- क्या 25,000 की सैलरी में 1 करोड़ का फंड बनाना संभव है? जवाब- हां, संभव है। इसके लिए अनुशासित निवेश और कंपाउंडिंग की ताकत का सही इस्तेमाल करना होगा। ये आसान तरीका अपनाएं- सवाल- सैलरी मिलते ही पहला कदम क्या उठाना चाहिए? जवाब- सैलरी आते ही सबसे पहले फ्यूचर प्लानिंग करें। इसका मतलब ये तय करना है कि इन पैसों को आप किस तरह और कहां खर्च करेंगे। इसे सही तरीके से मैनेज करने के लिए आप 50:30:20 का नियम फॉलो कर सकते हैं। इसे ग्राफिक से समझिए- सवाल- करोड़पति बनने के लिए हर महीने कितने रुपए निवेश करना जरूरी है? जवाब- ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कितनी छोटी या बड़ी रकम से इन्वेस्टमेंट की शुरुआत करते हैं। म्यूचुअल फंड में लॉन्ग टर्म के लिए औसतन 12% का सालाना रिटर्न एक प्रैक्टिकल मानक है। अपनी सैलरी और बचत के हिसाब से निवेश करके आप करोड़पति बनने का सफर कितने साल में तय कर सकते हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर किसी की बचत अभी कम है, तो क्या फिर भी करोड़पति बनना संभव है? जवाब- हां, कम बचत से शुरुआत करने पर भी करोड़पति बनना संभव है। इसके लिए सबसे जरूरी है जल्दी शुरुआत, नियमित निवेश और धैर्य। सवाल- कम सैलरी में बचत और निवेश बढ़ाने के लिए क्या करना चाहिए? जवाब- इसका मूल मंत्र है, 'खर्च निकालने के बाद सेविंग न करें, बल्कि सेविंग निकालने के बाद खर्च करें।' सैलरी के अनुसार स्मार्ट निवेश प्लान समझिए- कम सैलरी बचत बढ़ाने के 9 टिप्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- आमतौर पर लोग करोड़पति बनने के सफर में क्या गलती करते हैं? जवाब- करोड़पति बनने के सफर में सबसे बड़ी बाधा कम सैलरी नहीं, बल्कि फाइनेंशियल डिसिप्लिन की कमी है। लोग अक्सर निवेश को 'बचत' समझ लेते हैं, जबकि यह 'वेल्थ क्रिएशन' है। सबसे कॉमन गलती देरी से शुरुआत करना है, जिससे कंपाउंडिंग का लाभ आधा हो जाता है। ग्राफिक में देखिए, क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए- सवाल- क्या निवेश शुरू करने से पहले कोई तैयारी जरूरी है? जवाब- हां, निवेश एक दौड़ की तरह है, जिसके लिए पहले वार्म-अप जरूरी है। बिना तैयारी के निवेश करने पर इमरजेंसी में आपको अपना घाटे में चल रहा पोर्टफोलियो भी बेचना पड़ सकता है। निवेश से पहले इन 4 बातों का ध्यान रखें- सवाल- कम उम्र में निवेश शुरू करने के क्या फायदे हैं? जवाब- निवेश की दुनिया में 'समय' सबसे बड़ा खिलाड़ी है। जितनी कम उम्र में शुरुआत करते हैं, जोखिम उतना ही कम और मुनाफा उतना ही जादुई होता है। इसके मुख्य फायदे ये हैं- कंपाउंडिंग की पावर: कम उम्र में निवेश करने पर पैसे बढ़ने के लिए लंबा समय मिलता है। यहां ब्याज पर मिलने वाला ब्याज (कंपाउंड इंटरेस्ट) छोटे अमाउंट को करोड़ों में बदल सकता है। जोखिम लेने की क्षमता: युवाओं के पास जिम्मेदारियां कम होती हैं, इसलिए वे इक्विटी या स्मॉल कैप जैसे हाई-रिटर्न वाले एसेट्स में निवेश कर सकते हैं। अनुशासित जीवन: जल्दी शुरुआत करने से फिजूलखर्ची पर लगाम लगती है और छोटी उम्र से ही फाइनेंशियल डिसिप्लिन और बचत की आदत बन जाती है। जल्दी रिटायरमेंट: जो लोग 20-22 की उम्र से निवेश शुरू करते हैं, वे अक्सर 45-50 की उम्र तक 'फाइनेंशियल फ्रीडम' हासिल कर लेते हैं। ………………ये खबर भी पढ़िएआपका पैसा- रियल एस्टेट में निवेश सही या गलत: जानें 5 बड़े फायदे, कब हो सकता नुकसान, एक्सपर्ट से समझें, कैसे बनें स्मार्ट इन्वेस्टर ज्यादातर लोग मानते हैं कि प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट करना सबसे सुरक्षित और भरोसेमंद ऑप्शन है, लेकिन क्या यह हर किसी के लिए सही है? निवेश के बदलते दौर में यह सवाल और भी अहम हो जाता है। रियल एस्टेट निवेश का पॉपुलर ऑप्शन है। हालांकि, इसमें फायदे के साथ कई जोखिम भी होते हैं। इसलिए निवेश से पहले रियल-एस्टेट के बारे में विस्तार से समझना जरूरी है। आगे पढ़िए...