शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) को लेकर स्थिति अब स्पष्ट हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ हो गया है कि प्रदेश के डेढ़ लाख शिक्षकों को पात्रता तो सिद्ध करनी ही होगी।