हर विषय में अलग-अलग टापिक का वेटेज होता है। ऐसे में यदि पूरा सिलेबस दोबारा पढ़ना संभव नहीं है तो कम से कम 60 से 80 प्रतिशत महत्वपूर्ण सिलेबस को अच्छी तरह तैयार करना चाहिए।