इंदौर में 1930 के दशक से साइकिल लोकप्रिय परिवहन साधन रही है। कभी 10 रुपये में मिलने वाली साइकिल पर लाइसेंस और कर लगता था। आज साइकिल फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बन चुकी है, जिसकी कीमतें लाखों तक पहुंच गई हैं।