पहले यह समस्या केवल दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों तक सीमित मानी जाती थी, लेकिन अब मकानों, क्लीनिकों, कार्यालयों, कोचिंग संस्थानों और अपार्टमेंट्स में लगी आउटडोर यूनिट भी चोरों के निशाने पर हैं।