दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सोमवार को अपने मुख्यालय में वरिष्ठ सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों के लिए 2 दिवसीय विशेष रिफ्रेशर कोर्स एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। एमसीडी आयुक्त संजीव खिरवार ने इस सत्र का विधिवत उद्घाटन किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम एमसीडी के योजना विभाग द्वारा राष्ट्रीय सीपीडब्ल्यूडी (CPWD) अकादमी, गाजियाबाद के अनुभवी संकाय के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र के दौरान मुख्य अतिथि और निगम आयुक्त संजीव खिरवार ने वर्तमान तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के युग में नई सीख को अपनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, "आज के तेजी से बदलते परिवेश में निरंतर सीखना और अपने तकनीकी ज्ञान को समय के साथ अद्यतन (अपडेट) रखना अत्यंत आवश्यक हो गया है।" आयुक्त ने विश्वास जताया कि अनुभवी संकाय द्वारा साझा किया गया व्यावहारिक अनुभव दिल्ली में नागरिक अवसंरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) और सार्वजनिक सेवाओं की गुणवत्ता को सुधारने में मील का पत्थर साबित होगा। इन महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण सत्र इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागी इंजीनियरों के तकनीकी ज्ञान, क्षमता निर्माण और कार्यकुशलता को बढ़ाना है, जिससे उन्हें सार्वजनिक परियोजनाओं के प्रभावी प्रबंधन में मदद मिल सके। 2 दिवसीय सत्र के दौरान निम्नलिखित प्रमुख तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। अनुबंध और संविदा: सामान्य अनुबंध शर्तें (GCC) और संविदात्मक मुद्दों का निपटारा। मैनुअल और गुणवत्ता: गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance) और सीपीडब्ल्यूडी मैनुअल के नए प्रावधान। आधुनिक प्रोजेक्ट्स: पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर आधारित परियोजनाएं। भविष्य की तकनीक: सिविल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का व्यावहारिक उपयोग। सत्र की मुख्य बातें और वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी प्रशासनिक उपस्थिति: इस अवसर पर एमसीडी के अतिरिक्त आयुक्त (इंजीनियरिंग) एलडी मेघवाल, इंजीनियर-इन-चीफ पीसी मीणा, योजना सलाहकार मनीष रस्तोगी और सीपीडब्ल्यूडी के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (TR) मनोज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। 100 से अधिक भागीदार: इस प्रशिक्षण सत्र में दिल्ली नगर निगम के विभिन्न जोनों और मुख्यालय से आए मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता (SE) और कार्यकारी अभियंताओं (EE) सहित 100 से अधिक अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। शंका समाधान: सत्र के दौरान अधिकारियों ने अनुबंध प्रबंधन और सीपीडब्ल्यूडी प्रावधानों से संबंधित अपनी व्यावहारिक समस्याओं और तकनीकी प्रश्नों का विशेषज्ञों के माध्यम से समाधान भी किया।