सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यधिक है, और यह हमारे जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रखती है। अक्सर कहा जाता है कि किस्मत वालों को ही दो जून की रोटी नसीब होती है। रोटी पर रोटी रखकर खाने वाले को हमारे बुजुर्ग बहुत भाग्यवान मानते थे।