सड़क दुर्घटना प्रकरण में आरोपित ने अपने पुत्र को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से आनलाइन जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया। खैरागढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी तो प्रमाण पत्र फर्जी और कूटरचित पाया गया।