ग्राम बनी में स्थित मुक्तिधाम का पहुंच मार्ग और परिसर लंबे समय से जर्जर अवस्था में था। ग्रामीणों को अंतिम संस्कार सहित अन्य आवश्यक कार्यों के दौरान परेशानियों का सामना करना पड़ता था।