सिंहस्थ-2028 से पहले प्रस्तावित ''अहिल्या लोक'' परियोजना केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि महेश्वर की आध्यात्मिक पहचान और सांस्कृतिक अर्थव्यवस्था को नया आयाम देने की कोशिश बनती नजर आ रही है।