India at 2047: किरदारों को नहीं स्क्रिप्ट को चुनते हैं मनोज बाजपेयी, बोले - 'जितना मैं अपने आपको सताता हूं, उतना मजा आता है'

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ABP नेटवर्क के India@2047 कॉन्क्लेव में एक्टर मनोज बाजपेयी ने भी शिरकत की.  मनोज बाजपेयी ने 'टेल्स अनटोल्ड:प्लेइंग रियल लाइफ हीरो’ सेशन में रियल लाइफ कैरेक्टर्स को निभाने से लेकर चुनौतियों और जिम्मेदारी पर चर्चा की. . इस दौरान उन्होंने अपने किरदारों से लेकर अपनी अपकमिंग फिल्म गर्वनर के बारे में भी बात की. कैसे फिल्मों का चुनाव करते हैं मनोज? वरिष्ठ पत्रकार और एंकर दिबांग ने मनोज बाजपेयी से पूछा था कि वे अपनी फिल्मों का चुनाव कैसे करते हैं. इस पर एक्टर ने कहा, "मैं किसी किरदार को नहीं चुनता, मैं सक्रिप्ट चुनता हूं. मैं उस स्क्रिप्ट में मौजूद किरदार को चुनता हूं. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि किरदार किसी रियल इंसान पर बेस्ड है या किसी मरे हुए पर, या किसी काल्पनिक पात्र पर जिसे मैंने पहले कभी नहीं निभाया है."उन्होंने कहा, मुझे जितना मैं अपने आपको सताता हूं, उतना ही मुझे मजा आता है. मुझे हमेशा लगता है कि आप एक्टर क्यों बने हैं. या सिर्फ आप एक्टर इसलिए बने हैं, आपको नाम, पैसा और शोहरत मिलेगी. मेरे लिए 18 साल की जर्नी गांव से निकलकर दिल्ली तक आने की जर्नी बहुत बड़ी थी. मैं जिस समय आया, उस समय ज्यादा सुविधाएं नहीं थीं. एक्टर अगर एक ही तरह की ग्रामर को लेकर चल रहा है तो मेरे लिए वो बोरिंग हो जाता है.