न्यायमूर्ति गजेंद्रसिंह ने दूसरी शादी और भरण-पोषण से संबंधित एक मामले में फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की कि अंतरिम भरण-पोषण तय करते समय कोर्ट पक्षकारों के आचरण और संबंधों की वास्तविकता को ध्यान में रखती हैं।