रामायण के समय के महलों का कोई प्रत्यक्ष दृश्य प्रमाण उपलब्ध नहीं है। ऐसे में लिखित साक्ष्यों के आधार पर उस दौर की दुनिया की कल्पना कर उसे वास्तविक रूप देना चुनौतीपूर्ण था।