कर्मचारियों के अनुसार, पांच साल की सेवा पूरी होने पर प्रत्येक को करीब 60 हजार रुपये ग्रेच्युटी मिलनी थी। आईडी बदलने से लगभग 7000 कर्मचारियों की कुल 30 करोड़ रुपये की ग्रेच्युटी पर संकट खड़ा हो गया है।