अमेरिका और इसराइल ने दावा किया है कि उनके हमलों से ईरानी सेना को काफ़ी नुक़सान हुआ है. जबकि ईरान ने कहा है कि उसके पास अब भी बड़ी संख्या में मिसाइलों का भंडार मौजूद है.