इस योजना से ग्रामीण परिवारों को उनकी आबादी भूमि का विधिवत पंजीकृत अभिलेख मिलेगा, जिससे उन्हें बैंक लोन से लेकर संपत्ति के क्रय-विक्रय में सहूलियत होगी।