सात जजों की नियुक्ति पर हाई कोर्ट में सामाजिक प्रतिनिधित्व की तीखी बहस, फैसला सुरक्षित

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याचिकाकर्ता की ओर से अतिरिक्त तथ्य और लिखित तर्क प्रस्तुत करने की अनुमति मांगे जाने पर युगलपीठ ने छह नवंबर तक लिखित पक्ष रखने की छूट दे दी।