याचिकाकर्ता की ओर से अतिरिक्त तथ्य और लिखित तर्क प्रस्तुत करने की अनुमति मांगे जाने पर युगलपीठ ने छह नवंबर तक लिखित पक्ष रखने की छूट दे दी।