अमेरिका में मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद राष्ट्रपति ट्रम्प ने सूसी वाइल्स को चीफ ऑफ स्टाफ पद से हटा दिया है। उनकी जगह डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वाइल्स ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल में व्हाइट हाउस की चीफ ऑफ स्टाफ बनने वाली पहली महिला थीं। उन्होंने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में ट्रम्प की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। चीफ ऑफ स्टाफ राष्ट्रपति के सबसे करीबी अधिकारियों में शामिल होता है। वह व्हाइट हाउस के कामकाज और राष्ट्रपति तक पहुंच रखने वाले अधिकारियों के बीच तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी संभालता है। चुनावी हार के बाद वाइल्स से नाराज थे ट्रम्प मिडटर्म चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी की हार के बाद ट्रम्प वाइल्स और अपने दूसरे राजनीतिक सलाहकारों से नाराज थे। चुनाव के नतीजे आने के दौरान उन्होंने वाइल्स की आलोचना की थी। ट्रम्प को लगता था कि उनके प्रशासन से जुड़ी गोपनीय जानकारियां बाहर जा रही हैं। उन्हें यह भी शिकायत थी कि उनके राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में तेजी नहीं आ रही। ट्रम्प को शक था कि वाइल्स ही प्रशासन से जुड़ी जानकारियां बाहर पहुंचा रही हैं। इसी वजह से उन्होंने कई नियुक्तियों के फैसलों में भी वाइल्स को शामिल करना बंद कर दिया था। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट की जगह नए अधिकारी को चुनने के फैसले में भी वाइल्स की भूमिका सीमित कर दी गई थी। वाइल्स के समर्थकों का कहना है कि वह पद पर बने रहने के लिए ट्रम्प से टकराव नहीं चाहती थीं। उनके मुताबिक, चुनावी हार के लिए वाइल्स को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है, क्योंकि प्रशासन की नीतियों से जुड़े बड़े फैसले ट्रम्प खुद लेते थे। वाइल्स को 2026 की शुरुआत में स्तन कैंसर होने का पता चला था। इलाज के दौरान भी उन्होंने अपना पद नहीं छोड़ा। सितंबर में उन्होंने बताया था कि अब वह कैंसर से मुक्त हैं। ट्रम्प प्रशासन में महिला अधिकारियों की संख्या घटी वाइल्स के पद छोड़ने के साथ ट्रम्प प्रशासन में महिला अधिकारियों की संख्या भी चर्चा में है। पिछले एक साल में कई महिला अधिकारी प्रशासन से बाहर हुई हैं। गुरुवार को न्याय विभाग की वरिष्ठ अधिकारी हरमीत ढिल्लों ने भी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ मतभेद के बाद इस्तीफा दे दिया था। इस साल ट्रम्प प्रशासन की चार महिला कैबिनेट स्तर की अधिकारी भी पद छोड़ चुकी हैं। इनमें अटॉर्नी जनरल पाम बॉन्डी, श्रम मंत्री लॉरी चावेज-डेरेमर, होमलैंड सिक्योरिटी मंत्री क्रिस्टी नोएम और राष्ट्रीय खुफिया निदेशक तुलसी गबार्ड शामिल हैं। इन सभी की जगह पुरुष अधिकारियों को नियुक्त किया गया। अब ट्रम्प प्रशासन में कैबिनेट स्तर के केवल तीन पदों पर महिलाएं हैं। इनमें कृषि मंत्री ब्रुक रोलिंस, शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमोहन और लघु व्यवसाय प्रशासन की प्रमुख केली लोफलर शामिल हैं। मिलर प्रवासियों पर सख्त कार्रवाई के समर्थक स्टीफन मिलर लंबे समय से ट्रम्प के सलाहकार रहे हैं। वे अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की नीति के प्रमुख समर्थक हैं। देशभर में प्रवासियों को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियानों में उनकी अहम भूमिका रही है। मिलर ने कैरेबियन सागर और पूर्वी प्रशांत महासागर में छोटी नावों पर अमेरिकी हमलों का भी समर्थन किया था। ट्रम्प प्रशासन ने इन हमलों को विदेशी हमले के खतरे से निपटने की कार्रवाई बताया था। मिलर के सहयोगियों का मानना है कि ईरान युद्ध से ट्रम्प को राजनीतिक नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, ट्रम्प को उन मुद्दों पर वापस लौटना चाहिए जो उनके समर्थकों के बीच लोकप्रिय हैं। इनमें आव्रजन पर सख्ती और सरकार की घरेलू नीतियां शामिल हैं। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… इजराइल में नए प्रधानमंत्री का ऐलान आज: आइजनकोट को 6 पार्टियों का समर्थन; देश में कभी सिंगल पार्टी की सरकार नहीं बनी इजराइल में अगला प्रधानमंत्री कौन होगा इसका ऐलान राष्ट्रपति इसाक हर्जोग आज करेंगे। सरकार बनाने के लिए 61 सासंदों का समर्थन चाहिए। गादी आइजनकोट के गठबंधन को 6 पार्टियों के 67 सांसदों ने समर्थन दिया है। पूरी खबर पढ़ें…