धार में भोजशाला मुक्ति के लिए संघ, विहिप और हिंदू जागरण मंच ने धर्मरक्षा समितियों के जरिए एक विशाल जनआंदोलन खड़ा किया, जिसके परिणामस्वरूप 2003 में हिंदुओं को पूजा का अधिकार मिला।