आयोजित मेले में शामिल होने शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरे दिन अनवरत चला।