लगभग 1000 साल पुरानी चोल काल की ऐतिहासिक निशानियों को अब आखिरकार भारत को लौटा दिया गया है। PM मोदी की नीदरलैंड यात्रा के दौरान वापस किए गए इन शिलालेखों को विरासत सम्मान और सांस्कृतिक जीत के रूप में देखा जा रहा है।