हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण निर्णय और उसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा प्रतिदिन पूजा की अनुमति दिए जाने के पश्चात पहली बार बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबी मां वाग्देवी का कटआउट लेकर भोजशाला पहुंचे।