मध्य प्रदेश में पांचवीं और आठवीं बोर्ड परीक्षा के हजारों विद्यार्थियों को दो वर्षों बाद भी मार्कशीट नहीं मिली। स्कूल बदलने और प्रवेश प्रक्रिया में छात्रों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।