डा.एचपी तिवारी ने उच्च न्यायालय के फैसले पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे सनातन धर्म और सनातन परंपरा की जीत निरूपित किया। उन्हें पूरा विश्वास था कि फैसला उनके पक्ष में ही आएगा।