अपने बीच संघ के सरसंघचालक को पाकर संघ कार्यकार्यकर्ता आत्मविभाेर हुए और यह उनके लिए एक सुखद क्षण था जिसे वह जीवन भर अपने मनोमस्तिष्क में संजोकर रखेंगे।