पेरेंटिंग- 12वीं के बाद बेटा करियर को लेकर कन्फ्यूज:कभी इंजीनियर बनना है तो कभी आईएएस, सही राह चुनने में उसकी मदद कैसे करें?

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सवाल- हम लखनऊ में रहते हैं। हमारा बेटा 18 साल का है और उसने अभी 12वीं पास की है। वो पढ़ाई में अच्छा है। टीचर्स भी उसकी तारीफ करते हैं। लेकिन पिछले कुछ समय से वह अपने करियर को लेकर वह काफी कन्फ्यूज रहता है। कभी कहता है, इंजीनियरिंग करनी है, कभी सिविल सर्विस में जाने की बात करता है। क्लैरिटी न होने के कारण वो स्ट्रेस में भी रहता है। बतौर पेरेंट, हमारी फिक्र ये है कि हम उसे सही रास्ता कैसे दिखाएं, उसकी मदद कैसे करें? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सबसे पहले तो सजग माता-पिता होने के लिए आप बधाई के पात्र हैं। किसी भी बच्चे के लिए 12वीं के बाद का समय बहुत क्रिटिकल होता है। उम्र भी नाजुक होती है। ऐसे में कन्फ्यूजन होना लाजिमी है। आपका बेटा पढ़ाई में अच्छा है। टीचर्स भी उसकी तारीफ करते हैं। जाहिर है कि उसकी क्षमता में कोई कमी नहीं है। प्राइमरी तौर पर बच्चे को कन्फ्यूजन की वजह से दो समस्याएं होती हैं- जब बच्चे को क्लैरिटी नहीं होती तो– इसलिए सबसे पहले बच्चे को नॉर्मल फील कराना जरूरी है। सबसे पहले कन्फ्यूजन को नॉर्मलाइज करें। बच्चे से कहें– बच्चे से ये न कहें- ये कहें- 12वीं के बाद करियर कन्फ्यूजन क्यों होता है? 12वीं के बाद बच्चों को पहली बार अपने भविष्य से जुड़ा बड़ा फैसला लेना होता है। लेकिन इस समय उन्हें न तो कोई अनुभव होता है और न ही खुद की समझ पूरी तरह विकसित होती है। ऐसे में जब अचानक इतने सारे विकल्प, अपेक्षाएं और तुलना सामने आ जाती हैं, तो बच्चे के लिए सही डायरेक्शन चुनना मुश्किल हो जाता है। कई बार बच्चा यह नहीं समझ पाता कि वह क्या करे। इसके कई कारण हैं- माता-पिता क्या करें? करियर कन्फ्यूजन के इस फेज में बच्चे को सपोर्ट की जरूरत होती है। इस समय माता-पिता का रोल समझने और संभालने वाला होना चाहिए। अगर आप इस स्थिति को सही तरीके से हैंडल करते हैं तो बच्चे का आत्मविश्वास मजबूत होगा। लेकिन अगर यहां प्रेशर देंगे तो यही कन्फ्यूजन स्ट्रेस और गिल्ट में बदल सकता है। इसलिए जरूरी है कि आप खुद को इन तीन रोल्स में ढालें- आइए इन पॉइंट्स को समझते हैं- बच्चे के गाइड बनें इसके साथ ही नीचे ग्राफिक में दी गई कुछ और बातों का ध्यान रखें- इमोशनल एंकर बनें बच्चे के डॉक्टर बनें क्या गलतियां न करें? करियर कन्फ्यूजन के समय माता-पिता की छोटी-छोटी गलतियां भी बच्चे के मन पर बड़ा असर डालती हैं। कई बार हम अनजाने में ऐसी बातें या व्यवहार करते हैं, जो बच्चे के स्ट्रेस और गिल्ट को और बढ़ा सकते हैं। याद रखें, इस समय बच्चे को आपके जजमेंट की नहीं, समझ और सपोर्ट की जरूरत है। इसलिए इन बातों का खास ध्यान रखें- अंत में यही कहूंगी कि करियर का कन्फ्यूजन किसी भी बच्चे के लिए खुद को समझने की एक प्रक्रिया है। इस दौर में उसे धैर्य, भरोसे और इमोशनल सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। याद रखें, हर बच्चे की अपनी गति और अपनी दिशा होती है। जरूरी यह नहीं कि वह कितनी जल्दी फैसला लेता है, बल्कि यह है कि वह समझदारी और आत्मविश्वास के साथ अपनी क्षमता के अनुसार फैसला ले। ………………ये खबर भी पढ़िएपेरेंटिंग- दूध पीकर बच्चा सो जाता है: क्या उसे नींद से उठाकर डकार दिलाना जरूरी, मैं नई मां हूं, थोड़ा कनफ्यूज भी, क्या करूं? सबसे पहले तो आपको मां बनने की बधाई। एक नई मां के रूप में आपके मन में ऐसे सवाल आना स्वाभाविक हैं। इस समय आसपास के लोग तरह-तरह की सलाह देते हैं। इससे कन्फ्यूजन और बढ़ जाता है। इसलिए सही जानकारी होना जरूरी है। आगे पढ़िए…