आरटीआई कार्यकर्ता ने नीमच में आयोजित एक बड़े आयोजन पर व्यंग्य कसते हुए सड़क के अधूरे निर्माण से जैन संतों और नागरिकों को हो रही परेशानी को बयां किया।