भोपाल मंडल में 56 हजार मामलों से 4 करोड़ 22 लाख रुपये, जबकि कोटा मंडल में 31 हजार 600 मामलों से 2 करोड़ 86 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।