जिला न्यायालय ने घरेलू महिला की आय तीस हजार रुपये मासिक मानते हुए बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह उसके स्वजन को क्षतिपूर्ति के रूप में 51 लाख रुपये का भुगतान करे। इस राशि पर 6 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी देना होगा।