अब नए विभाजन के बाद विश्वविद्यालय के पास सीमित संख्या में कालेज और विद्यार्थी ही रह जाने का अनुमान है। विश्वविद्यालय के दायरे में कमी के साथ प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव होगा।