खास बात यह है कि जंगल में जब सिग्नल नहीं मिलते हैं तो टीमें चार से पांच किलोमीटर तक पैदल चलकर या अन्य माध्यम से सिग्नल प्राप्त कर चीता को ट्रैक करती हैं।