यह मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी साइबर ठगी है। इसकी जांच राज्य साइबर सेल की भोपाल और ग्वालियर की टीम कर रही हैं। भोपाल से वरिष्ठ अधिकारी रोज मानीटरिंग कर रहे हैं। यही कारण है- पुलिस 2.05 करोड़ रुपये फ्रीज करवाने में कामयाब रही है।