जन विश्वास अधिनियम 2026 के अंतर्गत रेल अधिनियम 1989 में बड़ा संशोधन किया गया है। अब टिकट धोखाधड़ी, अनधिकृत प्रवेश और अन्य छोटे अपराधों को आपराधिक मुकदमे से हटाकर मौद्रिक दंड के दायरे में लाया गया है। मौके पर जुर्माना भरने से यात्री अदालत जाने से बच सकते हैं, हालांकि आदतन अपराधियों के लिए कठोर सजा और जेल का प्रावधान यथावत बना रहेगा।