सुखरास निवासी संतोष अटले की ट्रेन हादसे में मौत के बाद शव को मर्चुरी में रखने के बजाय घंटों शव वाहन में छोड़ने का आरोप लगा, जिससे अस्पताल प्रबंधन पर संवेदनहीनता के सवाल उठे।