15 जुलाई 2016 को तुर्की में तख़्तापलट की कोशिश हुई, जिसने पिछले एक दशक में वहाँ की राजनीति के लगभग हर पहलू को बदल दिया है. इससे देश के भीतर सत्ता का संतुलन बदला और विदेशों के साथ उसके संबंधों का स्वरूप भी नए सिरे से तय हुआ.