वर्तमान में पांच बीमारियों में पांच प्रकार की दवाई लेना पड़ती है, भविष्य में सारी बीमारियों के लिए एक दवा लेना पड़ेगी। डॉ. दीक्षित ने अपने विषय पर बोलते हुए कहा कि वर्तमान शिक्षा प्रणाली पर पुनर्विचार करना चाहिये। हमारी गुरु-शिष्य परंपरा समाप्त हो चुकी है।