मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा कि केवल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी किसी डॉक्टर को विभागाध्यक्ष बनने से नहीं रोक सकती, यदि उसके कार्य निष्पादन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न हो।