श्रावण-भाद्रपद मास में निकलने वाली भगवान महाकाल की सवारियों में इस बार आस्था के साथ लोक संस्कृति के रंग भी नजर आएंगे। सवारी में विभिन्न राज्यों के लोक कलाकार चलित प्रस्तुतियों के माध्यम से श्रद्धालुओं का मन मोहेंगे, जबकि उन्हीं राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को साकार करती आकर्षक झांकियां भी साथ चलेंगी।