बड़े अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं जिन्होंने निरीक्षण की जरुरत नहीं समझी। सूत्रों के मुताबिक जनप्रतिनिधियों के साथ चलने वाली नीति के कारण ही कई मामलों में अधिकारी पर्दा डालते हैं, जिसका नतीजा विंगवाल बहने के रूप में सामने आता है।