मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की एकलपीठ ने कहा कि यदि महिला चिकित्सकीय रूप से गर्भधारण के लिए सक्षम है तो सिर्फ आयु के आधार पर उसे मातृत्व से वंचित नहीं किया जा सकता।